
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकास, संसाधनों के वितरण या सुरक्षा संबंधी मुद्दों के मामले में ग्लोबल साउथ दोहरे मानदंडों का शिकार रहा है। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ब्रिक्स नेता ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में शिखर वार्ता के लिए एकत्र हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में कहा कि आतंकवाद के पीड़ितों और समर्थकों को एक ही तराजू पर नहीं तौला जा सकता तथा आतंकवादियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। मोदी ने शांति एवं सुरक्षा पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि पहलगाम में हुआ ष्ष्कायरतापूर्णष्ष् आतंकवादी हमला भारत की ष्ष्आत्माए पहचान और गरिमा पर सीधा हमला है।
प्रधानमंत्री ने कहा, आतंकवाद आज मानवता के लिए सबसे गंभीर चुनौती बन गया है। ब्राजील के समुद्र तटीय शहर में हो रहे दो.दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन के पहले दिन ब्रिक्स के शीर्ष नेताओं ने विश्व के समक्ष उपस्थित विभिन्न चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने पहलगाम हमले पर कहाए ष्ष्यह हमला न केवल भारत परए बल्कि पूरी मानवता पर आघात था।
उन्होंने कहाए अगर हम पहले यह देखें कि हमला किस देश में हुआए किसके खिलाफ हुआ तो यह मानवता के साथ विश्वासघात करना होगा। आतंकवादियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। मोदी ने आतंकवादियों पर बिना किसी हिचकिचाहट के प्रतिबंध लगाने का आह्वान ऐसे समय में किया है जब हाल के वर्षों में चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के कई आतंकवादियों को सूचीबद्ध करने के प्रयासों को अवरुद्ध किया है। मोदी ने यह टिप्पणी उस पृष्ठभूमि में दी है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सात से 10 मई तक चले सैन्य संघर्ष के बाद कई देशों द्वारा दोनों देशों (भारत-पाकिस्तान) को एक ही नजर से देखने पर असहजता की स्थिति पैदा हुई थी। उन्होंने कहाए व्यक्तिगत या राजनीतिक लाभ के लिए आतंकवाद को मौन सहमति देना, आतंक या आतंकवादियों का समर्थन करना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
