
हरियाणा के पलवल स्थित गांव सोफ्ता में बुधवार रात एक ही परिवार पर कहर टूट पड़ा। तेज बारिश के बीच पेट्रोल पंप की एक दीवार भरभराकर गिर गई और नीचे दबने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक नाबालिग समेत तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में पिता जगदीश के दामाद रवी (30), भतीजा पंकज (18) और बेटा राजबीर (20) शामिल हैं। रवी और पंकज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि राजबीर ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में आखिरी सांस ली। आरोप है कि गंभीर रूप से घायल हुए जगदीश के दो बेटे श्रीकांत (18), मनफुल (15) और एक अन्य प्रियांशु (18) को पहले फरीदाबाद के बीके अस्पताल ले जाया गयाए जहां से उन्हें प्राथमिक उपचार के बिना ही दिल्ली रेफर कर दिया गया।
जगदीश ने बताया कि ये सभी मेरे परिवार के सदस्य हैंए जोकि एक पान मसाला कंपनी में नाइट ड्यूटी करते थे। बुधवार रात ये सभी रोज की तरह निकलेए लेकिन बारिश की वजह से मुख्य रास्ते में पानी भर गया था। मजबूरी में पहली बार करीब नौ बजे पेट्रोल पंप के पास के रास्ते से निकलने लगे। इसी दौरान पेट्रोल पंप की दीवार अचानक गिर पड़ी। जगदीश ने बताया कि जमीन धंसी और दीवार सीधे बच्चों के ऊपर गिर गई। मौके पर मौजूद लोगों ने मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। लेकिन जगदीश ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। बीके अस्पताल में न तो पट्टी की गईए न कोई दवा दी गई। सीधे रेफर कर दिया। जगदीश के अनुसार, जिस दीवार के नीचे उनका परिवार दबा, उसमें कोई पिलर नहीं था, कोई बीम नहीं थी। बस ईंटों से जोड़कर दीवार खड़ी कर दी थी। पीछे बारिश का पानी इकट्ठा था, इस कारण जमीन धस गयी जिससे दीवार पर दबाव बढ़ गया। यही वजह थी कि वो अचानक गिर गई। ऐसी लापरवाही की कीमत मैंने अपनों की जान देकर चुकाई है।
मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पेट्रोल पंप के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा -गदपुरी थाना प्रभारी अश्विनी कुमार
