
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई हज़ार करोड़ रुपये के कथित ऋण धोखाधड़ी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जाँच के सिलसिले में व्यवसायी अनिल अंबानी को समन जारी किया है। मामले से जुड़े सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि अंबानी को पांच अगस्त को एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा गया है और उनसे दो कंपनियों रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) को दिए गए ऋणों और धन के संदिग्ध हेर-फेर के बारे में पूछताछ की जा सकती है।
वित्तीय अपराध जांच एजेंसी ने पिछले हफ़्ते रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों समेत 50 कंपनियों और 25 लोगों के ठिकानों पर छापे मारे। जांच के घेरे में आए दो ऋण यस बैंक द्वारा आरएचएफएल और आरसीएफएल को दिए गए थे। दोनों ही मामलों मेंए केंद्रीय जाँच ब्यूरो ने यस बैंक के पूर्व अध्यक्ष राणा कपूर को आरोपी बनाया है।
इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की अपनी जाँच का दायरा बढ़ाते हुए 68.2 करोड़ रुपये के एक फर्जी बैंक गारंटी मामले की समानांतर जाँच शुरू की हैए जैसा कि एनडीटीवी प्रॉफिट ने बताया। ईडी ने गुरुवार शाम को चार परिसरों-तीन भुवनेश्वर में और एक कोलकाता में-में सिलसिलेवार तलाशी अभियान चलायाए जो बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड नामक एक फर्म से जुड़े हैं। यह एक अपेक्षाकृत अज्ञात संस्था है जो कथित तौर पर फर्जी कंपनियों का एक नेटवर्क संचालित करने और कमीशन के लिए जाली बैंक गारंटी जारी करने के आरोप में जाँच के दायरे में है।
