
देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने शनिवार को छात्रों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि डॉ. बीआर आंबेडकर का सामाजिक-आर्थिक समानता और न्याय का दर्शन भावी पीढ़ियों का मार्गदर्शन करेगा। नागपुर के डॉ. आंबेडकर कॉलेज के हीरक जयंती समारोह में उन्होंने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और डॉ. आंबेडकर के सिद्धांतों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। सीजेआई गवई ने कहा कि उन्होंने जीवन भर सामाजिक-आर्थिक न्याय की विचारधारा को आत्मसात करने का प्रयास किया है। महिलाओं की प्रगति और विकास समाज की प्रगति को मापने का एक पैमाना है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि महिला सशक्तीकरण डॉ. आंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि है और उनकी विचारधारा का प्रचार.प्रसार किया जाना चाहिए। डॉण् आंबेडकर हमेशा कहते थे कि एक प्रतिष्ठित और महान व्यक्ति के बीच अंतर होता है। सीजेआई ने कहा कि अपने माता.पिता के अलावा वह डॉ. आंबेडकर की सामाजिक-आर्थिक समानता, न्याय और भारतीय संविधान की विचारधारा के कारण ही मुख्य न्यायाधीश बने हैं। यदि आप सफलता प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैंए तो डॉण् आंबेडकर की विचारधारा और भारतीय संविधान आपकी मदद करेंगे।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी डॉ. आंबेडकर कॉलेज को बधाई दी। उन्होंने संस्थान के विकास में बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय आरएस गवई और तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई के योगदान को सराहा।
