
भारत में दिल की बीमारियां (हार्ट डिज़ीज़) मौत का सबसे बड़ा कारण बन चुकी हैं। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, देश में होने वाली कुल मौतों में से करीब 31% मौतें हार्ट से जुड़ी बीमारियों से होती हैं। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे (2021-2023) के आंकड़े बताते हैं कि भारत में अब ज्यादातर मौतें गैर-संक्रामक रोगों (NCDs) से हो रही हैं। इनमें सबसे आगे हृदय रोग हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि
- 31% मौतें हृदय रोगों से
- 9.3% मौतें श्वसन संक्रमण से
- 6.4% मौतें कैंसर और ट्यूमर से
- और 5.7% मौतें अन्य श्वसन रोगों से हो रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लाइफस्टाइल में गड़बड़ियां और तनाव इसके बड़े कारण हैं। पहले हार्ट अटैक को उम्रदराज़ लोगों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 30 साल से ऊपर की युवा आबादी भी तेजी से इसकी चपेट में आ रही है। यही वजह है कि डॉक्टर लगातार संतुलित खानपान, एक्सरसाइज और नियमित चेकअप की सलाह दे रहे हैं।
