
यमुना खतरे के निशान से 2.3 फीट ऊपर बह रही है। ताजगंज और पोइया घाट स्थित श्मशान जलमग्न हो गए हैं, जिससे लोगों को सड़क किनारे अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। मनोहरपुर से पोइया तक 2 किमी रोड पर 4.5 फीट तक पानी भरा है। 25 कॉलोनियां जलमग्न हैं और करीब 4000 लोग पलायन कर चुके हैं। हाथीघाट रोड पर 5-6 फीट पानी भरने से वाहन फंस रहे हैं, घोड़ा गाड़ी भी पलट गई। रामबाग, दयालबाग और बल्केश्वर समेत कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया है। लोग मुख्य गेट पर ऊँची दीवारें बनाकर पानी रोकने की कोशिश कर रहे हैं। एहतियातन कैलाश मंदिर के पट बंद कर दिए गए हैं और श्रद्धालुओं से मंदिर न आने की अपील की गई है। प्रशासन ने आरती स्थल पर बैरिकेडिंग करवाई है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
