
हिंसा से जूझ रहे नेपाल में अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होते नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि मंगलवार को सरकार विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसके बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया। हालांकि इस्तीफे के बाद भी देशभर में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं जारी रहीं। हालात बिगड़ने पर सेना ने सुरक्षा की कमान संभाली और अब स्थिति पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारए सरकार न होने की स्थिति में नेपाल में खाद्यान्न आपूर्ति को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। पिछले तीन दिनों से जारी बंद और हिंसा के कारण कालाबाजारी का खतरा बढ़ गया है। आशंका जताई जा रही है कि जल्द ही दैनिक उपयोग की वस्तुएं और खाद्यान्न महंगे हो सकते हैं तथा बाजार में कमी महसूस की जा सकती है। सेना ने हालात काबू में आने के बाद कर्फ्यू और निषेधाज्ञा में कुछ ढील दी है।
सुबह 10 बजे तक और शाम को 2 घंटे के लिए कर्फ्यू हटाया गया। ढील के चलते सड़कों और बाजारों में फिर से चहल.पहल देखी जा रही है। मंगलवार को हुई व्यापक हिंसा में संसद भवन, राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास, उच्चतम न्यायालय, राजनीतिक दलों के कार्यालयों और वरिष्ठ नेताओं के घरों को निशाना बनाया गया था। इसके बाद सेना ने सख्ती दिखाते हुए सड़कों पर गश्त शुरू की और लोगों को घरों में रहने का आदेश दिया। सेना का कहना है कि यह कदम लूटपाट और आगजनी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी है।
