
आगरा। यमुना नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा हैए लेकिन यह अभी भी खतरे के निशान से 1.5 फीट ऊपर बह रही है। गुरुवार सुबह जलस्तर 501.3 फीट से घटकर 500.5 फीट पर आ गया। गोकुल बैराज से 1.33 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति में कुछ सुधार हुआ है।
कई कॉलोनियां और गांव अब भी जलमग्न हैं। हाथीघाट डूबा हुआ है और मेहताब बाग की एंट्री बंद कर दी गई है। बेलनगंज स्थित सेक्सरिया रोड पर पानी भरने से व्यापारी गोदाम खाली करने लगे हैं। वहीं मनोहरपुर से पोइया रोड पर 2 किमी तक 4ण्5 फीट पानी भरा हैए जिससे दयालबाग और आसपास के गांवों का रास्ता बंद हो गया है। बल्केश्वर की शिव रेजीडेंसी और रजवाड़ा में पानी घुसने से कई परिवार पलायन कर गए। यमुना पार के केके नगर और फाउंड्री नगर की फैक्ट्रियों तक पानी पहुंच गया है।
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी और विधायक छोटेलाल वर्मा ने प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। डीएम ने फसलोंए घरों और पशुओं के नुकसान का शीघ्र सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पानी उतरने के बाद सिल्ट हटानेए सफाईए चूना.ब्लीचिंगए फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव का आदेश दिया। मां गौरी टाउन, तनिष्क राजश्री गार्डन, लोहिया नगर, अनुराग नगर, मोतीमहल, गांधी स्मारक, शंभूनाथ कॉलोनी, अमर विहार, दयालबाग, हाथी घाट, घाट बजरिया, बल्केश्वर मंदिर, नगला बूढ़ी, कैलाश, मनोहरपुर और आगरा किला रोड सहित कई क्षेत्र प्रभावित हैं।
