
टेलीविजन एक्टर आशीष कपूर, जिन पर बीते महीने दिल्ली में एक हाउस पार्टी के दौरान बलात्कार का आरोप लगा था, को तीस हजारी कोर्ट ने 10 सितंबर को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि आशीष दिल्ली के स्थायी निवासी हैं, उनका आपराधिक इतिहास नहीं है और जांच के लिए अब उनकी हिरासत जरूरी नहीं है। अदालत ने उन्हें 1 लाख रुपये के जमानती बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया और शर्त रखी कि वे हमेशा अपने मोबाइल फोन की लोकेशन चालू रखेंगे। पुलिस ने आशीष की 5 दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने केवल 4 दिन की अनुमति दी। वहीं, तीन दिन बाद ही उन्हें अदालत में पेश कर दिया गया। न्यायाधीश ने जांच में खामियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि पुलिस ने न तो फोन बरामद करने की कोशिश की और न ही विधिवत तलाशी ली। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शराब पिलाने के बाद उसे शौचालय में ले जाकर सामूहिक बलात्कार किया गया, घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई और पुलिस में शिकायत करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। इसी आधार पर 11 अगस्त को सिविल लाइंस थाने में आईपीसी की धारा 376 के तहत मामला दर्ज हुआ था।
