आगरा। 13 साल पुराने किरावली दंगल बवाल केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। विधायक चौधरी बाबूलाल सहित 12 आरोपियों को कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश एमपी.एमएलए कोर्ट लोकेश कुमार ने दिया। 2 अप्रैल 2012 को कस्बा किरावली स्थित मौनी आश्रम में कुश्ती दंगल का आयोजन हुआ था। इसी दौरान हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आने से रिठौरी कागारौल निवासी हाकिम सिंह की मौत हो गई थी, जबकि धौलपुर निवासी जावेद गंभीर रूप से घायल हो गया था।
करीब 700 से अधिक लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। आरोप था कि भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर ईंट.पत्थर और बोतलें फेंकी। हालात काबू करने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची थी। तत्कालीन एसओ अछनेरा सुधीर कुमार सिंह ने विधायक चौधरी बाबूलाल, हरपाल, बने सिंह पहलवान, दिनेश, ज्ञान सिंह, सतेंद्र, पवन इंदौलिया, बंटी प्रधान सहित कई पर हत्या प्रयास, शासकीय कार्य में बाधा और धमकी जैसे गंभीर आरोपों में केस दर्ज कराया था। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने सबूतों के अभाव में विधायक चौधरी बाबूलाल, हरपाल, कृष्ण कुमार, बने सिंह पहलवान, दिनेशए सतेंद्रए ज्ञान सिंह, विजयपाल, संतोष, पवन, हरेंद्र सिंह और बंटी प्रधान को बरी कर दिया।
