रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में एंटी-करप्शन ब्यूरो और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ACB/EOW) ने रिटायर्ड IAS अधिकारी और पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने घोटाले में शामिल सिंडिकेट को फायदा पहुँचाया और इसके बदले करोड़ों रुपये का अनुचित लाभ लिया। ACB/EOW के अनुसार, दास ने सरकारी शराब दुकानों में बिना हिसाब शराब बेचने, अधिकारियों के तबादलों, टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और गलत नीति लागू करने में मदद की। उन्हें शुक्रवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। दास इस मामले में गिरफ्तार होने वाले दूसरे पूर्व IAS अधिकारी हैं।
ED का कहना है कि यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ और इसमें 2500 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की गई। इस दौरान कथित रूप से अवैध कमीशन वसूला गया और सरकारी दुकानों के जरिए बिना अनुमति शराब बेची गई। ACB/EOW अब तक एक दर्जन से अधिक गिरफ्तारियाँ कर चुका है और चार सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर चुका है। वहीं, ED ने भी कई बड़ी गिरफ्तारियाँ की हैं, जिनमें पूर्व IAS अनिल टुटेजा, व्यवसायी अनवर ढेबर, पूर्व मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल शामिल हैं।
