अफगानिस्तान का 13 साल का लड़का चोरी-छिपे काबुल से दिल्ली आने वाली केएएम एयर की फ्लाइट में प्लेन के व्हील वेल (पहिए के पास) में बैठकर दिल्ली पहुंचा। दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर अधिकारियों ने उसे प्रतिबंधित क्षेत्र में टहलते देखा और पूछताछ की, जिससे पूरा मामला सामने आया। लड़का मूलतः ईरान जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन गलती से भारत आने वाले विमान में सवार हो गया। फ्लाइट में 94 मिनट तक वह पहिए के ऊपरी हिस्से में छिपा रहा। नाबालिग होने के कारण उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार व्हील वेल में सफर करना लगभग असंभव है। 30,000 फीट की ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है और तापमान -40°C से -60°C तक पहुंच सकता है, जिससे जीवन के लिए गंभीर खतरा होता है। पीजीआईएमईआर के डॉ. रितिन मोहिंद्रा ने बताया कि ऐसे हालातों में कुछ ही मिनटों में बेहोशी और घातक हाइपोथर्मिया हो सकता है। यह दिल्ली एयरपोर्ट पर व्हील वेल में छिपकर सफर करने का दूसरा मामला है। 14 अक्टूबर 1996 को दिल्ली से लंदन जाने वाले दो भाई इसी तरीके से छिप गए थे, जिसमें एक की जान बची और दूसरे की मौत हो गई थी।
