सीतापुर जेल में बंद सीनियर सपा नेता आजम खान 23 महीने बाद आज रिहा हो गए। उन्हें सुबह 9 बजे रिहा किया जाना था, लेकिन कानूनी पेंच के चलते उनकी रिहाई थोड़ी देर के लिए रोकी गई। जेल सूत्रों के अनुसार, रामपुर में चल रहे एक मामले में आजम पर लगे जुर्माने का भुगतान समय पर न होने के कारण उनकी रिहाई टल गई थी। बाद में जुर्माना जमा होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। आजम के पुत्र अदीब और समर्थक सुबह ही जेल पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जेल के पास रुकने नहीं दिया।
आजम खान लंबे समय से जेल में थे और उनके समर्थक सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बेरुखी से नाराज थे। यूपी में पहले सपा सरकार में वह कद्दावर नेता रहे हैं, लेकिन बीजेपी की सत्ता में आने के बाद विभिन्न मुकदमों के चलते जेल जाना पड़ा। जानकार मानते हैं कि जेल से बाहर आने के बाद भी आजम खान की राजनीतिक राह आसान नहीं होगी। खबरों के अनुसार, वे सपा की बेरुखी से नाराज होकर बसपा ज्वाइन कर सकते हैं। 9 अक्टूबर को लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती के बड़े सम्मेलन के दौरान इस संबंध में घोषणा होने की संभावना है।
