200 साल पुराने आगरा कॉलेज में इस बार दाखिलों का ऐसा रुझान देखने को मिला जो पिछले कई दशकों में नहीं हुआ। कॉलेज के सभी रेगुलर और सेल्फ-फाइनेंस कोर्स की सीटें फुल हो गईं, यहां तक कि इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी फैकल्टी की सभी सीटें भी भरी। प्रिंसिपल प्रो. सीके गौतम ने बताया कि बीए, बीएससी, एमए, एमएससी, बीबीए, बीसीए, एलएलबी, एलएलएम और डिप्लोमा जर्नलिज्म सहित सभी पाठ्यक्रमों की सीटें भरी हैं। छात्रों की बढ़ती मांग को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से अतिरिक्त सीटें बढ़ाने की अनुमति मांगी गई है।
कॉलेज ने द्विशताब्दी वर्ष के अवसर पर शासन को 9 परियोजनाओं का प्रस्ताव भेजा है, जिनमें आचार्य चाणक्य परीक्षा भवन, कौशल विकास केंद्र और पत्रकारिता संस्थान शामिल हैं। शासन ने इनको प्रारंभिक स्वीकृति दे दी है।
कॉलेज परिसर की 20 एकड़ भूमि पर अराजक गतिविधियों को रोकने के लिए बाउंड्री निर्माण शुरू किया गया है और गंगाजल पाइपलाइन डाली जा रही है। प्राचार्य ने कहा कि अध्ययन, अध्यापन और शोध को नई दिशा दी जा रही है, साथ ही जीर्णोद्धार के लिए समाज और पूर्व छात्रों से सहयोग मांगा गया है। इस अवसर पर उप-प्राचार्य प्रो. पी.बी. झा, प्रो. मृदुल शर्मा, प्रो. भूपाल सिंह, प्रो. शशिकांत पांडेय समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।
