ताजगंज थाना क्षेत्र के पाक टोला निवासी हरी सिंह को अदालत ने अपने भाई गजक व्यवसायी बेदरिया राम के बेटे की गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 1.10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसी घटना में हरी सिंह के तीन भाइयों—पुनीत, विनीत और केशव पाल—को 50-50 हजार रुपये जमानत और व्यक्तिगत बंधपत्र के साथ एक साल की परिवीक्षा पर रिहा करने का आदेश दिया गया।
वर्ष 2007 में व्यापार को लेकर विवाद के चलते 16 नवंबर की सुबह हरी सिंह और उसके भाइयों ने तलवार और लाठी-डंडों से हमला किया। पिता गुमान सिंह गंभीर रूप से घायल हुए और 6 दिन बाद उनकी मौत हो गई। अभियोजन पक्ष ने मामले में पुलिसकर्मी, डॉक्टर और अन्य गवाहों को अदालत में पेश किया और तलवार सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध किया।
