इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सेना पर तालिबान का बड़ा हमला हुआ, जिसमें लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर समेत 11 सैनिक शहीद हो गए। यह हमला खैबर पख्तूनख्वा के ओरकजई जिले में 7-8 अक्टूबर की रात हुआ। सेना की मीडिया शाखा ISPR के मुताबिक, यह ऑपरेशन “फितना अल-खवारिज” से जुड़े आतंकवादियों की मौजूदगी पर किया गया। सुरक्षा बलों ने कार्रवाई में 19 आतंकवादियों को मार गिराया, जबकि इलाके में तलाशी अभियान जारी है।

सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) के आंकड़ों के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा 2025 की तीसरी तिमाही में पाकिस्तान का सबसे हिंसाग्रस्त क्षेत्र रहा, जहां कुल हिंसा की घटनाओं और मौतों का भारी हिस्सा हुआ। टीटीपी की जड़ें अफगान तालिबान से जुड़ी हैं, लेकिन यह संगठन स्वतंत्र रूप से पाकिस्तान में सक्रिय है। इसकी स्थापना बैतुल्लाह महसूद ने की थी। संगठन ने हाल के वर्षों में कई बिखरे गुटों को फिर से एकजुट किया और खैबर पख्तूनख्वा तथा बलूचिस्तान में हमलों में तेजी लाई।
