कर्नाटक में मंगलवार सुबह लोकायुक्त (Lokayukta) की टीमों ने राज्यभर में आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets Case) के मामलों में 12 सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी (Raid) की। यह कार्रवाई तड़के शुरू हुई और बेंगलुरु, उडुपी, हासन, दावणगेरे, चित्रदुर्ग और कलबुर्गी समेत कई जिलों में जारी रही। लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार, छापेमारी की शुरुआत सुबह के समय हुई और यह जांच उन अधिकारियों पर केंद्रित रही जिन पर नौकरी के दौरान आय से अधिक संपत्ति जुटाने के आरोप हैं। इनमें बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) के भूमि अधिग्रहण विभाग के एक सर्वेक्षक समेत कई अधिकारी शामिल हैं।
हासन, चित्रदुर्ग और कलबुर्गी में भी छापे
लोकायुक्त टीमों ने हासन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रथम श्रेणी सहायक ज्योति मैरी,
कलबुर्गी में कृषि विभाग के सहायक निदेशक धूलप्पा, और चित्रदुर्ग में कृषि विभाग के सहायक निदेशक चंद्र कुमार के घरों पर तलाशी ली। सूत्रों का कहना है कि इन स्थानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपत्ति से जुड़ी फाइलें और बैंक रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं।

उडुपी, बेंगलुरु और दावणगेरे में भी लोकायुक्त का एक्शन
छापेमारी की कार्रवाई उडुपी में परिवहन विभाग के अधिकारी लक्ष्मीनारायण पी. नायक, बेंगलुरु में मल्लासांद्रा मैटरनिटी हॉस्पिटल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजूनाथ जी, और दावणगेरे में कर्नाटक ग्रामीण अवसंरचना विकास लिमिटेड (KRIDL) के सहायक कार्यकारी अभियंता जगदीश नाइक के ठिकानों तक भी पहुंची।
कई जगहों से मिले अहम सुराग
लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई स्थानों से भूमि निवेश, सोना-चांदी, और नकदी से जुड़ी फाइलें मिली हैं। सभी बरामद दस्तावेजों को जब्त कर आगे की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कुछ अधिकारियों ने अपनी वास्तविक आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की है।
