संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। भारतीय सांसद निशिकांत दुबे ने बाल अधिकारों के गंभीर उल्लंघन और सीमा पार आतंकवाद (Cross-Border Terrorism) के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरते हुए कहा कि “पाकिस्तान दुनिया के सामने पाखंड कर रहा है, जबकि वही बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है।” दुबे ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि पाकिस्तान, संयुक्त राष्ट्र के बच्चों और सशस्त्र संघर्ष (Children and Armed Conflict – CAAC) एजेंडे के “सबसे गंभीर उल्लंघनकर्ताओं” में से एक है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव की CAAC रिपोर्ट 2025 का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों के कारण न सिर्फ अफगानिस्तान बल्कि पड़ोसी क्षेत्रों में भी सैकड़ों बच्चों की मौत और विकलांगता हुई है।
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर का किया उल्लेख
निशिकांत दुबे ने अपने भाषण में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मई 2025 में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद यह ऑपरेशन शुरू किया था।
इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों के ठिकानों पर सटीक और सीमित स्ट्राइक की गई थी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी और आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई थी ताकि भारतीय नागरिकों, खासकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

भारत का स्पष्ट संदेश: पाकिस्तान पहले खुद को देखे
भाषण के दौरान दुबे ने कहा, “पाकिस्तान को खुद को आईने में देखने की ज़रूरत है। वह अपने देश में महिलाओं और बच्चों पर हो रहे अत्याचार पर चुप रहता है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उपदेश देता है। यह दोहरे मापदंड अब नहीं चलेंगे।” भारत ने पाकिस्तान से कहा कि वह अपनी सीमाओं के भीतर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर तुरंत रोक लगाए।
UN में भारत की सख्त स्थिति
दुबे ने कहा कि भारत शांति और स्थिरता के पक्ष में है, लेकिन आतंकवाद पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान को अपने सीमा पार आतंकवादी नेटवर्क और बच्चों को निशाना बनाने की नीतियों के लिए अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही तय करनी होगी।
