मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई का एक और बड़ा बयान, बोले-संसद नहीं, भारत का संविधान सर्वोच्च है

100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली 57 मुस्लिम देशों को सुनाने के बाद UN में भारत का पाक को करारा जवाब 2
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई का एक और बड़ा बयान, बोले-संसद नहीं, भारत का संविधान सर्वोच्च है

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने संविधान को संसद से ऊपर बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि संसद सबसे ऊपर है, लेकिन ऐसा नहीं है। लोकतंत्र के तीनों अंग संविधान के अधीन काम करते हैं। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई इससे पहले भी संविधान को संसद से ऊपर बता चुके हैं। अमरावती में बार एसोसिएशन की तरफ से आयोजित किए गए सम्मान समारोह में सीजेआई ने अपनी बात दोहराई। उन्होंने कहा कि संसद को संविधान में संशोधन करने का अधिकार है, लेकिन वह इसकी मूल संरचना को नहीं बदल सकती। इसी वजह से संविधान इस देश में सर्वोपरि है।
केसवानंद भारती बनाम केरल राज्य मामले का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 1973 में मूल संरचना सिद्धांत स्थापित किया था। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायाधीशों के लिए संविधान में एक कर्तव्य निर्धारित किया गया है और केवल सरकार के खिलाफ आदेश पारित करने से कोई स्वतंत्र नहीं बन जाता। उन्होंने यह भी कहा कि फैसले लेते समय एक जज को यह नहीं सोचना चाहिए कि लोग उसके फैसले को लेकर क्या सोचेंगे। एक न्यायाधीश को कानून ने कई कर्तव्य दिए हैं, जिनका पालन होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने बुलडोजर एक्शन से जुड़े फैसले का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि आश्रय का अधिकार सर्वोच्च है। सीजेआई ने कहा कि उन्होंने हमेशा ही अपने फैसलों और काम को बोलने दिया और वह हमेशा ही अपने कर्तव्यों के साथ खड़े रहे। न्यायाधीश बीआर गवई ने बुलडोजर एक्शन के खिलाफ फैसला सुनाते हुए कहा था कि सरकारें किसी भी आरोपी का घर नहीं गिरा सकती हैं। 20 जून को इटली के मिलान में सामाजिक-आर्थिक न्याय प्रदान करने में संविधान की भूमिकाश् पर बोलते हुए सीजेआई गवई ने कहा था कि सरकारें जज और जूरी नहीं बन सकती हैं। इसी दौरान उन्होंने अपने बुलडोजर जस्टिस के फैसले और भारतीय संविधान के आर्टिकल-21 का जिक्र किया था। इस दौरान उन्होंने बताया था कि पिछले 75 साल में न्यायालयों ने कैसे गरीबए पिछड़े और हाशिये पर पड़े लोगों को न्याय दिलाने में मदद की।

Sulahkul
Author: Sulahkul

ये भी पढ़ें...

Screenshot 2023 05 07 150959
cropped WhatsApp Image 2025 03 19 at 15.57.50 ed4b1a47