अभिषेक बच्चन ने कहा- हर फिल्म के साथ खुद को बेहतर बनाने का प्रयास करता हूं

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अभिषेक बच्चन ने कहा- हर फिल्म के साथ खुद को बेहतर बनाने का प्रयास करता हूं

अभिनेता अभिषेक बच्चन का कहना है कि हर कलाकार का लेटेस्ट (हाल का) काम उसका बेस्ट (सर्वश्रेष्ठ) होना चाहिए और इसी का अनुसरण करते हुए वह कोशिश करते हैं कि हर फिल्म के साथ खुद को बेहतर बनाते चलें। ष्युवाष्ए ष्गुरुष् और ष्धूमष् सहित कई अन्य फिल्मों में अपने शानदार अभिनय के लिए प्रशंसा बटोर चुके अभिषेक बच्चन ने यह भी कहा कि 10 वर्ष पहले और अभी के अभिनय में अंतर ना हो तथा उसमें और सुधार ना आए तो यह ष्दुखष् की बात होगी। अपनी आने वाली फिल्म कालीधर लापता के प्रचार के सिलसिले में भोपाल आए अभिषेक ने पीटीआई-वीडियो के साथ साक्षात्कार में कहाए ष्ष्मुझे लगता है कि कलाकार का जो लेटेस्ट काम हो, वह उसका बेस्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा, जो काम मैंने 10 वर्ष पहले किया हो और आज जो काम कर रहा हूंए उसमें अगर अंतर ना हो या उसमें बेहतर नहीं कर पाऊं तो यह (मेरे लिये) दुख की बात होगी। इसलिए मैं कोशिश में रहता हूं कि हर फिल्म के साथ अपने आप को थोड़ा बेहतर करता जाऊं।
अभिषेक बच्चन अभिनीत कालीधर लापता फिल्म चार जुलाई को ओटीटी मंच जी 5 पर प्रदर्शित होने वाली है। इस फिल्म का निर्देशन दक्षिण भारतीय फिल्मों की निर्देशक मधुमिता ने किया हैए जिन्होंने तमिल की फिल्म केडी (करुप्पूदुरई) बनाई थी। फिल्म में भोपाल के रहने वाले बाल कलाकार दैविक बाघेला ने भी महत्वपूर्ण किरदार निभाया है। अभिषेक बच्चन से जब यह पूछा गया कि ष्कालीधर लापताष् में ऐसा क्या है कि जिसके लिए दर्शक यह फिल्म देखेंगेए उन्होंने कहा कि जब भी उनसे यह सवाल पूछा जाता है तो वह इसका जवाब नहीं दे पाते हैं। अभिषेक ने कहा, लेकिन हमारा काम कहानी को दिखाना है। आप अगर प्रोमो देखें तो यह आपको मजेदार लगेगा। बहुत ही प्यारी फिल्म है। यह दो दोस्तों के बारे में है। एक बल्लू और काली के बारे में। फिल्म में दैविक बाघेला ने बल्लू का किरदार निभाया है।
कालीधर लापता में अभिषेक बच्चन ने कालीधर नाम के एक मध्यम आयु वर्ग के व्यक्ति का अभिनय किया है, जिसकी याददाश्त कमजोर है और जिसने जिंदगी में बहुत धोखे खाए। वर्ष 2000 में प्रदर्शित हुई फिल्म रिफ्यूजी से अपने सिनेमाई सफर की शुरुआत करने वाले अभिषेक बच्चन से जब फिल्मों से हासिल उनके अनुभवों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह अपनी हर फिल्म से कुछ न कुछ सीखने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा, क्योंकि मेरे निर्देशक ने मुझे ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया था। किरदार उनका (अमिताभ) नहीं, मेरा है…. इसलिए। अभिषेक बच्चन ने मध्यप्रदेश में फिल्म की शूटिंग के अपने अनुभवों को ष्बहुत ही अच्छा बताया और कहा कि यहां की सारी व्यवस्थाएं भी शानदार थीं। अभिषेक ने कहा, यहां आकर हमेशा अच्छा लगता है क्योंकि काम खत्म करने के बाद नानी के साथ समय बिता सकते हैं। अभिषेक बच्चन ने फिल्म में अभिनय के लिए दैविक की सराहना की और कहा कि वह बहुत ही अच्छे कलाकार हैं। उन्होंने कहाए उनसे (दैविक से) काफी कुछ सीखने को मिला। प्रार्थना करूंगा कि आगे जाकर उनके साथ एक और फिल्म बनाऊं अगर वह आज्ञा दें तो। उन्होंने कहाए दोनों ने मुझे बहुत अच्छे से सिखाया कि कैसे अभिनय करना है। पहले मैं थिएटर करता था और थियेटर व फिल्म की अदाकारी अलग-अलग होती है। इस फिल्म में काम करके मुझे पता चला कि सिनेमा में कैसे अभिनय किया जाता है।

Sulahkul
Author: Sulahkul

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