
मंडी से भाजपा की लोकसभा सांसद कंगना रनौत ने रविवार को बारिश से तबाह अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया और कहा कि जिस तरह से राहत कार्य किए जा रहे हैंए कांग्रेस 20 साल में भी राज्य की सत्ता में नहीं लौटेगी। उन्होंने कहा कि एक सांसद के तौर पर वह केवल प्रधानमंत्री को ही स्थिति से अवगत करा सकती हैं। अभिनेत्री ने थुनाग पंचायत में कहा, मैं लोगों की दुर्दशा देखकर बहुत दुखी हूं। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया हैए घर बह गए हैंए कई लोग अभी भी लापता हैंए लेकिन हम केवल उन परिवारों को सांत्वना दे सकते हैं जिन्होंने अपने परिजनों को खो दिया है और अब राहत प्रदान करने का समय आ गया है।् थुनाग पंचायत मंडी में मंगलवार को बादल फटने की घटना से प्रभावित कई स्थानों में से एक है। इसके अलावा अभिनेत्री-राजनेता कंगना रनौत को रविवार को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान की गई असंवेदनशील टिप्पणी के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा सांसद ने हंसते हुए कहा, चाहे आपदा राहत हो या आपदा ही-मेरे पास कोई आधिकारिक मंत्रिमंडल नहीं है। मेरे दो भाई हैं जो हमेशा मेरे साथ रहते हैं। यही मेरा मंत्रिमंडल है। तो, इसमें सिर्फ ये दो लोग हैं। हालांकि उन्होंने लोगों को आपदा राहत कोष के लिए केंद्र से मदद दिलाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहाए ष्हमारी केंद्र सरकार ने चाहे जितने भी सैन्य बचाव अभियान चलाए होंण्ण्ण्आपने देखा होगा कि कितने लोगों को बचाया जा रहा है। आज भी हमें हर तरह से भोजन और आश्रय मिल रहा है। इसके साथ ही हमारे पार्टी नेताओं ने प्रभावित क्षेत्र में एक टीम बनाई है। हम भी उसी टीम का हिस्सा बनकर यहां पहुंचे हैं। पार्टी ने लिखा हिमाचल प्रदेश के मंडी में बादल फटने से भारी तबाही मची है। लोग परेशान हैंए उनकी पूरी दुनिया उजड़ गई है। मंडी की सांसद कंगना कई दिनों के बाद वहां पहुंचीं और हंसते हुए बोलीं . मैं क्या कर सकती हूं, मेरे पास कैबिनेट में कोई पद नहीं है। कृपया थोड़ी संवेदनशीलता दिखाएं, कंगना जी
रनौत पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने उनकी एक छोटी क्लिप पोस्ट की। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी भाजपा सांसद की आलोचना की। उन्होंने कहा ष्कंगना जी की असंवेदनशीलता ने भाजपा के जयराम ठाकुर को भी स्तब्ध कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के मंडी में बादल फटने से भारी तबाही हुई है।
थुनाग पंचायत मंडी उन विभिन्न स्थानों में से एक हैए जो मंगलवार को बादल फटने की घटना से प्रभावित हुए थे। बादल फटने, अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन के कारण भारी तबाही हुई है, जिसके चलते 14 लोगों की मौत हो गई है और 31 लापता लोगों की तलाश जारी है। आपदा में 150 से अधिक मकान, 106 पशुशालाएं, 31 वाहन, 14 पुल और कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कुल 164 मवेशी मारे गए हैं।
