सुप्रीम कोर्ट ने IIT खड़गपुर से पूछा, आखिर कैंपस में छात्र आत्महत्या क्यों कर रहे हैं ?

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सुप्रीम कोर्ट ने IIT खड़गपुर से पूछा, आखिर कैंपस में छात्र आत्महत्या क्यों कर रहे हैं ?

सुप्रीम कोर्ट ने आईआईटी खड़गपुर की खिंचाई की और परिसर में छात्रों की आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की खंडपीठ ने पूछा कि आईआईटी खड़गपुर में क्या गड़बड़ है? छात्र आत्महत्या क्यों कर रहे हैं ? क्या आपने इस पर कोई विचार किया है? शीर्ष अदालत आईआईटी खड़गपुर और शारदा विश्वविद्यालय में छात्रों की आत्महत्या से संबंधित एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी। इससे पहले, इसने दोनों संस्थानों को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।
अपने जवाब में आईआईटी खड़गपुर ने शीर्ष अदालत को बताया कि लगभग एक महीने पहलेए चौथे वर्ष के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के एक छात्र की अपने छात्रावास के कमरे में आत्महत्या के दिन ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी। आईआईटी खड़गपुर के हलफनामे में कहा गया है कि पुलिस द्वारा आवश्यक प्रक्रियात्मक औपचारिकताएँ पूरी करने के बादए 18 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह दलील सुप्रीम कोर्ट द्वारा आईआईटी खड़गपुर और शारदा विश्वविद्यालय को दिए गए हालिया निर्देशों के बाद दी गई है, जिसमें यह स्पष्ट करने की माँग की गई थी कि क्या पुलिस को तुरंत सूचित किया गया था और क्या प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जैसा कि छात्र आत्महत्या मामलों पर न्यायालय के 24 मार्च के फैसले में अनिवार्य है। आईआईटी खड़गपुर ने हलफनामे में कहा कि उसने इस घटना को व्यापक संस्थागत सुधार के लिए उत्प्रेरक माना है और पहले से अनिवार्य सुरक्षा उपायों के अलावा कई अतिरिक्त उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं। संस्थान ने अत्यंत गंभीरता के साथ ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की गंभीरता को स्वीकार किया है और इन्हें संस्थागत और सामाजिक दोनों तरह की त्रासदियों के रूप में मान्यता दी है जिनके लिए कठोर आत्मनिरीक्षणए जवाबदेही और प्रणालीगत सुधार की आवश्यकता है।

Sulahkul
Author: Sulahkul

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