वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद दिव्या देशमुख ने कहा- बस अपने प्रदर्शन पर ध्यान दिया

demo pic 49
वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद दिव्या देशमुख ने कहा- बस अपने प्रदर्शन पर ध्यान दिया

ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख ने कहा है कि हमवतन कोनेरू हम्पी के खिलाफ फिडे महिला विश्व कप फाइनल खेलते समय उन पर किसी भी तरह का दबाव नहीं था क्योंकि उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं था। दिव्या बुधवार को जॉर्जिया के बातुमी से यहां पहुंचीं और एक विश्व चैंपियन के तौर पर उनका भव्य स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर लोगों द्वारा दिखाए गए स्नेह से यह युवा खिलाड़ी अभिभूत थी।
19 वर्षीय दिव्या ने दो बार की विश्व रैपिड चैंपियन 38 वर्षीय हम्पी को दो क्लासिकल दौर के ड्रॉ रहने के बाद समय.नियंत्रित टाई.ब्रेक में हराया। यह दिव्या के करियर की सबसे बड़ी सफलता रही। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रही थी। मैं किसी और चीज के बारे में नहीं सोच रही थी। दिव्या ने इस प्रतियोगिता में एक छुपीरूस्तम के तौर पर प्रवेश किया था और उनका लक्ष्य ग्रैंडमास्टर नॉर्म जीतने का था और आखिरकार वह ग्रैंडमास्टर बन गईं। दिव्या ने सिर्फ ग्रैंडमास्टर नॉर्म ही नहीं हासिल किया बल्कि टूर्नामेंट भी जीत लिया और अगले साल के कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में भी जगह पक्की की। साथ ही 50,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि भी हासिल की। इस खिलाड़ी को उम्मीद है कि उनकी सफलता के बाद भारत में महिला शतरंज काफी लोकप्रिय होगा। उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि इस सफलता के बाद महिलाएं विशेषकर युवा खिलाड़ी इस खेल को बड़े पैमाने पर अपनाएंगी और सपना देखना शुरू करेंगी कि कुछ भी असंभव नहीं है। दिव्या ने कहाए मेरे पास युवा पीढ़ी के लिए नहीं बल्कि उनके माता.पिता के लिए संदेश है कि उन्हें अपने बच्चों का पूरे दिल से समर्थन करना चाहिए क्योंकि उन्हें सफलता के समय उतनी नहीं, अपनी असफलताओं के दौरान उनकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

Sulahkul
Author: Sulahkul

ये भी पढ़ें...

Screenshot 2023 05 07 150959
cropped WhatsApp Image 2025 03 19 at 15.57.50 ed4b1a47