
नेशनल सिटिजन पार्टी की संयुक्त संयोजक ताजनुवा जबीन ने कहा कि मोहम्मद यूनुस की सरकार पिछले एक साल में कानून व्यवस्था कायम करने में नाकाम रही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल को लेकर भी बात की। साथ ही भारत के साथ रिश्तों को सुधारने के लिए कहा। नेशनल सिटिजन पार्टी की संयुक्त संयोजक ताजनुवा जबीन ने कहा कि पिछले एक साल में सरकार की एक नाकामी यह है कि वे कानून प्रवर्तन ढांचे को फिर से स्थापित करने के लिए कानूनी बल को नियंत्रित या स्थापित नहीं कर पाए। जुलाई के विद्रोह के दौरान पुलिसए विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने ही आम लोगों परए छात्रों परए हत्याओं को लेकर सामूहिक नरसंहार में हिस्सा लिया था।
उन्होंने कहा कि जुलाई विद्रोह को एक साल हो गया है।
हमें निरंकुश फासीवादी शेख हसीना से छुटकारा मिल गया है। लगभग 15 साल तक निरंकुशता कायम रही। इसलिए सारी कानून प्रवर्तन एजेंसियांए नौकरशाही, पूरा प्रशासन फासीवादी शासन के अधीन था। हम रातोंरात निरंकुशता से लोकतंत्र में बदलाव की उम्मीद नहीं कर सकते। लेकिन एक साल बाद हम हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 15 साल हमने कोई बातचीत नहीं की। सरकार के खिलाफ बात करने का कोई मौका नहीं मिला। हमारी आवाज दबाने के लिए एक कानून था। जबरन गायबियां, न्यायेतर हत्याएं और सभी निजी बैंकों की लूट हुई। निरंकुशता का साम्राज्य था। लेकिन पिछले साल यह रुक गया और हमने फिर से शुरू कर दिया है। लोकतंत्र में तब्दील होने की प्रक्रिया धीमी है।
