
कानपुर के घाटमपुर के रेउना थाना इलाके के कटरी गांव के पास यमुना नदी में मंगलवार की सुबह पिता की आंखों के सामने दो बच्चों की डूबकर मात हो गई। बेटा-बेटी को डूबता देख बदहवास पिता छटपटाता रहा लेकिन वह कुछ नहीं कर सका। दोनों बच्चे माता-पिता के साथ नाना की तेरहवीं में कटरी गांव आए थे। कानपुर देहात जिले के गजनेर थानाक्षेत्र के जुनिया गांव निवासी भूपेंद्र सिंह लखीमपुर स्थित शुगर मिल में काम करते हैं। कुछ दिन पहले कटरी गांव निवासी भूपेंद्र के ससुर राजबहादुर के बड़े भाई अतर सिंह का निधन हो गया था। सोमवार को उनकी तेरहवीं थी।
भूपेंद्र पत्नी गुड़िया, बेटी आध्या (11) और बेटा विश्वराज (6) के साथ सोमवार की सुबह गांव पहुंचे थे। मंगलवार की सुबह वह आध्या और विश्वराज को लेकर गांव के पास निकली यमुना नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान भाई-बहन पानी के तेज बहाव में आकर गहराई में चले गए और डूबने लगे। यह देख भूपेंद्र मदद के लिए चिल्लाने लगे। उनकी आवाज सुन मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह दोनों बच्चों को बाहर निकाला और घाटमपुर स्थित सीएचसी लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने आध्या और विश्वराज को मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी मिलने ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। गुड़िया बच्चों की मौत से बदहवास थीं। हादसे की सूचना पाकर सीएचसी पहुंचे एसडीएम अबिचल प्रताप सिंह ने परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने सरकारी लाभ दिलाने का भी आश्वासन दिया। रेउना थाना प्रभारी आनंद पांडेय ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
