
पाकिस्तान ने बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। बाढ़ की वजह से 1000 से ज्यादा लोगों की जान जाने की आशंका जताई जा रही है। प्रधानमंत्री के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) मामलों के सूचना समन्वयक इख्तियार वली खान ने हालात पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया कि खैबर पख्तूनख्वा में हाल ही में आई अचानक आई बाढ़ में लगभग 1,000 लोगों की मौत होने की आशंका है। वली ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया है। बड़े पैमाने पर तबाही देखी है। उन्होंने कहाए श्पूरे गांव बर्बाद हो गए हैं। बुनेर के चघरजी इलाके में भारी तबाही हुई है। बशोनी गांव पूरी तरह से नक्शे से गायब हो गया है। उन्होंने खुलासा किया कि आधिकारिक आंकड़े केवल अस्पतालों में लाए गए शवों पर आधारित हैं। अब तक लगभग 600 से ज्यादा शव बरामद हुए हैं। हालांकिए कई और हताहतों की सूचना अभी तक नहीं मिली है।
पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के अनुसार, 26 जून से अब तक पूरे पाकिस्तान में बारिश से संबंधित घटनाओं में 392 पुरुषों सहित कम से कम 657 लोगों की मौत हो चुकी हैए जबकि 929 अन्य घायल हुए हैं। कुल मृतकों में 171 बच्चे और 94 महिलाएं थीं। घायलों में 437 पुरुषए 256 बच्चे और 236 महिलाएं हैं। एनडीएमए ने बताया कि मौतें मूसलाधार मानसूनी बारिश, अचानक आई बाढ़ और संबंधित आपदाओं के कारण हुईं। उसने यह भी कहा कि वह सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए प्रांतीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बाढ़ के कारण हुई दुखद मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया है। महासचिव ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और आपदा से प्रभावित सभी लोगों के साथ एकजुटता जताई।
