
1992 बैच के आईपीएस अधिकारी सतीश गोलचा ने आज दिल्ली पुलिस आयुक्त का पदभार संभाल लिया। वह 26वें पुलिस आयुक्त बने हैं। उनका कार्यकाल अप्रैल 2027 तक रहेगा। दिल्ली पुलिस आयुक्त पद पर यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राजधानी में सुरक्षा में चूक से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं। साथ ही महज 21 दिनों के भीतर ही एसबीके सिंह को हटाकर सतीश गोलचा को यह जिम्मेदारी सौंपा जाना आश्चर्यजनक रहा। हम आपको बता दें कि एसबीके सिंह का कार्यकाल सबसे छोटा रहा और इसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला और वीवीआईपी क्षेत्र में चैन झपटमारी जैसी घटनाएं सुर्खियों में रहीं। हालांकि गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि गोलचा की नियुक्ति का सीधा संबंध इन घटनाओं से नहीं हैए लेकिन यह बदलाव संकेत देता है कि केंद्र सरकार राजधानी की कानून.व्यवस्था पर अतिरिक्त गंभीरता दिखाना चाहती है। गोलचा के प्रोफेशनल कॅरियर पर नज़र डालें तो यह स्पष्ट होता है कि उन्हें कठिन परिस्थितियों में काम करने का भरपूर अनुभव है। दिल्ली पुलिस में वह कानून.व्यवस्था के विशेष पुलिस आयुक्त और अपराध शाखा के प्रमुख रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश के डीजीपी के रूप में उन्होंने सीमावर्ती प्रदेश में सुरक्षा और पुलिसिंग की चुनौती को भी संभाला। सीबीआई में रहते हुए उन्होंने कई संवेदनशील और हाई प्रोफ़ाइल मामलों की जांच की जिनमें रुचिका छेड़छाड़ मामलाए 1984 सिख विरोधी दंगा मामला और रिज़वान.उर.रहमान हत्या प्रकरण शामिल हैं। उन्हें उनके सख्त रुख और 2020 के उत्तर.पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान निर्णायक नेतृत्व के लिए जाना जाता हैए जब वह कानून.व्यवस्था के विशेष पुलिस आयुक्त के तौर पर तैनात थे। गोलचा फिलहाल मंडोली और रोहिणी जेलों के महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे।
