
आगरा। पुलिस आयुक्त की एसओजी और सर्विलांस सेल को भंग कर दिया गया है। इनमें तैनात 14 पुलिसकर्मियों को पूर्वी जोन में और 9 को विभिन्न थानों में भेजा गया है। सूत्रों के अनुसारए यह कार्रवाई सिकंदरा के इनामी अपराधी फारुख के गुपचुप जेल जाने की घटना से जुड़ी मानी जा रही है। फारुख सर्राफा व्यापारी हत्याकांड का आरोपी था और लंबे समय से फरार चल रहा था। हाल ही में उसने कोर्ट में समर्पण कियाए जबकि पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इससे पहले मुख्य आरोपी अमन को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था।
माना जा रहा है कि फारुख के कोर्ट में सरेंडर करने से पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार नाराज थे। हालांकिए आधिकारिक तौर पर इस वजह से इनकार किया जा रहा है। पुलिस आयुक्त का कहना है कि हर जोन में पहले से ही एसओजी और सर्विलांस सेल मौजूद हैंए जिन्हें डीसीपी मॉनिटर करते हैं। ऐसे में अलग से केंद्रीय एसओजी की आवश्यकता नहीं थी। पुलिसकर्मियों के तबादले अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह ने किए हैं। नियमों के अनुसार, एक जोन से दूसरे जोन में स्थानांतरण का अधिकार अपर पुलिस आयुक्त को ही होता है।
