आगरा। एक चौंकाने वाला साइबर अपराध सामने आया है। जिसमें एक 16 वर्षीय 11वीं के छात्र को फर्जी ऐप के जरिए महिलाओं से वीडियो कॉल करवाकर ब्लैकमेल किया गया। इस पूरे रैकेट का संचालन एक संगठित गिरोह द्वारा किया जा रहा था। जिसमें महिलाओं की भी सक्रिय भूमिका रही। पीड़ित छात्र अलीगढ़ के थाना क्वार्सी क्षेत्र का रहने वाला है। उसके पिता ने शाहगंज पुलिस को शिकायत दी कि उनके बेटे ने किसी लिंक के जरिए ष्कोमष् नामक एक संदिग्ध ऐप डाउनलोड किया। यह ऐप प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं थी, बल्कि लिंक से ही डाउनलोड की जा सकती थी।
ऐप डाउनलोड करने के बाद छात्र की कुछ महिलाओं से चैटिंग और वीडियो कॉल पर बात होने लगी। ऐप के माध्यम से चैटिंग के बदले लगातार रुपए मांगे जाने लगे। छात्र जब ऐप हटाने की कोशिश करने लगाए तो एक महिला ने न्यूड वीडियो कॉल कीए जिसकी रिकॉर्डिंग कर ली गई। इसके बाद उसे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया। डर के कारण छात्र मानसिक रूप से परेशान हो गया और अंततः पूरी घटना अपने पिता को बताई। पिता ने तत्काल साइबर सेल में शिकायत कीए जहां से मामला थाना शाहगंज को ट्रांसफर कर दिया गया।
शाहगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भरतपुर निवासी अजय कुमार को गिरफ्तार किया। अजयए शाहगंज के पथौली क्षेत्र में किराए पर रह रहा था और पहले एक ट्रैवल एजेंसी चलाता था। पुलिस जांच में सामने आया कि अजय की पहचान कुछ ऑनलाइन आपराधिक तत्वों से हुईए जो इस ऐप को चला रहे थे। अजय महिलाओं को पैसे का लालच देकर ऐप से जोड़ता था। जिन युवकों से अधिक पैसे मिल सकते थे, उनसे महिलाएं न्यूड वीडियो कॉल करती थींए जिसकी रिकॉर्डिंग के बाद उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़ी अन्य महिलाओं और खास तौर पर ष्संजनाष् नामक महिला की तलाश कर रही हैए जिसने खुद को पथौलीए शाहगंज निवासी बताया था। साथ ही ऐप को संचालित करने वाले मुख्य मास्टरमाइंड की भी तलाश की जा रही है।
