कर्नाटक सरकार ने इस साल मैसूर दशहरा उत्सव (22 सितंबर से 2 अक्टूबर) के उद्घाटन के लिए बुकर पुरस्कार विजेता लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता बानू मुश्ताक को मुख्य अतिथि आमंत्रित किया है। इस फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चामुंडेश्वरी मंदिर में होने वाले वैदिक अनुष्ठान गैर-हिंदू द्वारा नहीं किए जा सकते और इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया।
कर्नाटक हाई कोर्ट ने पहले इस तरह की चार याचिकाएँ खारिज कर दी थीं, लेकिन अब याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं, सरकार का कहना है कि दशहरा कोई निजी धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि राज्य का सार्वजनिक उत्सव है, जिसमें किसी भी धर्म का व्यक्ति मुख्य अतिथि हो सकता है।
