आगराI ताजमहल के आसपास के स्मार्ट सिटी क्षेत्र में नाले के पानी को साफ करने के लिए बायोरेमेडिएशन और वेटलैंड ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। इस 90 लाख रुपये की परियोजना को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) को लागू करने का जिम्मा दिया गया था। हालांकि प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गई। बारिश के दौरान घरों में नाले का गंदा पानी भरने लगा और तेज पानी के बहाव के कारण वेटलैंड में लगाए गए पौधे भी टिक नहीं पाए। अब तक प्रोजेक्ट में 27 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।
ताजगंज क्षेत्र के पार्षद ने फरवरी में इस समस्या पर सवाल उठाए। इसके बाद स्मार्ट सिटी अधिकारियों ने AMU के डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के साथ समीक्षा की और प्रोजेक्ट बंद करने का फैसला लिया। स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया। बोर्ड ने AMU से बकाया 63 लाख रुपये वापस लेने के लिए संपर्क करने का भी निर्णय किया।
प्रारंभ में पानी साफ हुआ था, लेकिन गाद भरने के कारण पानी बैक फ्लो होकर आसपास के घरों में चला गया। पिछले तीन साल में वेटलैंड में लगाए गए पौधे तेज बहाव के कारण बह गए। AMU के प्रो. नदीम खलील खंदे, जो इस क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं, ने प्रोजेक्ट में कई परेशानियों की सूचना जुलाई 2024 में दी थी, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
