कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को अल्पकालिक झटका जरूर लगा है, लेकिन दोनों देशों के दीर्घकालिक हित उन्हें अंततः “एक समान स्तर पर” लाएंगे। उन्होंने बताया कि टैरिफ और H-1B वीजा शुल्क में बढ़ोतरी के बावजूद दोनों देश विभिन्न स्तरों पर सहयोग कर रहे हैं। थरूर ने कहा, “नौकरियों और आर्थिक नुकसान की दृष्टि से यह अल्पकालिक झटका है, लेकिन बड़ी तस्वीर में दोनों देशों के बीच सहयोग जारी रहेगा।” उन्होंने रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में साझेदारी को बनाए रखने की उम्मीद जताई।
पूर्व विदेश राज्य मंत्री ने अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि छात्र और सिलिकॉन वैली के सीईओ सहित लाखों भारतीय अमेरिका में रहते हैं, जो दोनों देशों के रिश्तों को मजबूती देते हैं। थरूर ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ और उनके सलाहकार पीटर नवारो के बयान अनुचित हैं और इससे भारत में नाराज़गी पैदा हुई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तीस साल पुरानी भारत-अमेरिका साझेदारी को कमजोर नहीं करेगा।
