नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 24 वर्षीय युवक की कथित हिरासत में मौत के मामले में शामिल दो पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी में देरी पर सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और आर महादेवन की पीठ ने कहा कि 15 मई के आदेश के बावजूद पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं की गई, और राज्य सरकार ने केवल अवमानना याचिका दाखिल होने के बाद कार्रवाई की। कोर्ट ने नाराज़गी जताते हुए कहा,
“इतने दिनों तक आप उनका पता क्यों नहीं लगा सके? सुप्रीम कोर्ट के आदेश को इस तरह लागू नहीं किया जाना चाहिए।”
सीबीआई ने अदालत को बताया कि अब दोनों आरोपित पुलिसकर्मियों — उत्तम सिंह और संजीव सिंह — को गिरफ्तार कर लिया गया है। उत्तम सिंह को 27 सितंबर को इंदौर में और संजीव सिंह को 5 अक्टूबर को शिवपुरी में पकड़ा गया। दोनों इंदौर जेल में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ क्या विभागीय कार्रवाई की गई है। मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर 2025 को होगी। यह सुनवाई मृतक की मां द्वारा दायर अवमानना याचिका पर हो रही है, जिसमें 15 मई के आदेश का पालन न करने का आरोप लगाया गया था। उस आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने एमपी सरकार को फटकारते हुए जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था।
