काबुल दो शक्तिशाली विस्फोटों और उसके बाद गोलीबारी से दहल उठा। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी विमानों ने काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के शिविरों पर हवाई हमले किए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया। यह हमला तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी की भारत यात्रा के दौरान हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शहर के हवाई क्षेत्र में लड़ाकू विमान की आवाज़ सुनी गई। सूत्रों के मुताबिक, हमला टीटीपी प्रमुख नूर वली महसूद को निशाना बनाने के लिए किया गया था, जो पूर्वी काबुल में टीटीपी और अल-क़ायदा के सुरक्षित ठिकानों से संचालन कर रहे थे। हालांकि, नूर वली महसूद ने वॉइस मैसेज में कहा कि वह सुरक्षित हैं, लेकिन उनके बेटे की मौत हो गई।
यह घटना तालिबान और पाकिस्तान के संबंधों में पहले से बढ़ते तनाव के बीच हुई है। पाकिस्तान ने लंबे समय से अफगानिस्तान में टीटीपी को हथियार और धन मुहैया कराने का आरोप लगाया है। हाल ही में टीटीपी ने अफगान सीमा के पास पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसमें 11 सैनिक मारे गए। नूर वली महसूद, जिन्होंने 2018 में संगठन की कमान संभाली थी, पाकिस्तान के लिए लगातार चुनौती बने हुए हैं।
