आगरा। लगभग 15 साल बाद आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) को बड़ी राहत मिली है। आयकर विभाग ने एडीए को पहले लाभग्राही संस्था (beneficiary body) मानते हुए लगभग ₹150 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में जमा कराए थे। इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए प्राधिकरण ने गाजियाबाद स्थित अपीलेट प्राधिकरण में अपना पक्ष रखा। विभाग द्वारा वर्षों से लगातार पैरवी की जा रही थी, लेकिन मौजूदा एडीए वीसी के कार्यकाल में प्रभावी तरीके से सुनवाई कराई गई।
आयकर न्यायाधिकरण, गाजियाबाद का फैसला
प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप, आयकर न्यायाधिकरण, गाजियाबाद ने ₹42.65 करोड़ रुपये की धनराशि एडीए को रिफंड करने के आदेश दिए। यह रिफंड शुक्रवार को प्राधिकरण कोष (Authority Fund) में प्राप्त हुआ।
एडीए वीसी का बयान

एडीए वीसी ने बताया कि “आगरा विकास प्राधिकरण उत्तर प्रदेश का पहला प्राधिकरण है,
जिसे आयकर विभाग से रिफंड प्राप्त हुआ है।”
उन्होंने यह भी कहा कि “प्राधिकरण द्वारा प्राप्त यह धनराशि जन कल्याणकारी योजनाओं (Public Welfare Projects) में उपयोग की जाएगी, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।”
मुख्य बिंदु:
- 15 साल पुराना मामला था
- ₹150 करोड़ टैक्स जमा कराया गया था
- ₹42.65 करोड़ का रिफंड आदेश जारी
- एडीए यूपी का पहला प्राधिकरण बना जिसे रिफंड मिला
- राशि जन कल्याणकारी योजनाओं में खर्च होगी
अन्य प्राधिकरणों के मामले अब भी लंबित
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के अन्य विकास प्राधिकरणों के आयकर संबंधी विवाद अभी भी लंबित हैं।
एडीए के इस रिफंड के बाद अब अन्य प्राधिकरणों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
