कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद रविवार को अपने आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचीं। उनके इस दौरे को भारत-कनाडा संबंधों में नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अनीता आनंद की यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापार, रणनीतिक सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खोल सकती है।
कनाडा के राजनीतिक विश्लेषक क्लाइड निकोल्स ने कहा कि प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के कार्यकाल में कनाडा की विदेश नीति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि “जस्टिन ट्रूडो के दौर में विचारधारा व्यापार पर भारी थी, लेकिन अब कनाडा का रुख व्यावहारिक और सहयोग-आधारित होता दिख रहा है।”
निकोल्स के अनुसार, हाल ही में मार्क कार्नी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात भी इसी दिशा में संकेत देती है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ कनाडा के संबंध भी अब नए स्तर पर पहुंच सकते हैं।

???? भारत-कनाडा संबंधों में नई ऊर्जा
अनीता आनंद मई में विदेश मंत्री बनने के बाद पहली बार भारत आई हैं। अपने दौरे के दौरान वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगी। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा साझेदारी और सुरक्षा सहयोग पर विस्तृत बातचीत की उम्मीद है।
अनीता आनंद के दौरे से कुछ सप्ताह पहले कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नताली ड्रुइन भी भारत आई थीं। वहीं, जून में जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात ने भी द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार का संकेत दिया था।
भारत दौरा पूरा करने के बाद अनीता आनंद सिंगापुर और चीन का दौरा भी करेंगी।
???? मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद नई दिल्ली पहुंचीं।
- भारत-कनाडा के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी।
- विशेषज्ञ बोले — मार्क कार्नी के नेतृत्व में कनाडा की विदेश नीति में सकारात्मक बदलाव।
- अनीता आनंद की यह भारत यात्रा मई में मंत्री बनने के बाद पहली है।
- हाल ही में पीएम मोदी और मार्क कार्नी की जी7 सम्मेलन में हुई थी मुलाकात।
